ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करें: पूर्ण मार्गदर्शिका और सरल उपाय
जब कोई व्यक्ति ब्रह्मचर्य का पालन करता है, तो उसे अपने मन और इंद्रियों पर नियंत्रण रखना होता है, पर वह इसे पूरी तरह कर नहीं पाता। कभी कामवासना रोकती है, कभी स्वादिष्ट भोजन, तो कभी गुस्सा — यानी वह पूरी तरह से ब्रह्मचर्य का पालन नहीं कर पाता, और कोई न कोई बात उसे पीछे खींच लेती है।
आज हम इस लेख में इसका उपाय बताएँगे।
सबसे पहले, यदि आपको कोई बुरी लत है—जैसे दारू, सिगरेट, गुटखा आदि—तो उसे नियंत्रित कर लें, क्योंकि ये कामवासना को बढ़ावा देती हैं। पहले दो–तीन महीनों तक इन पर नियंत्रण रखें।
अब जब आपको कोई भी बुरी लत नहीं है, तो हमें एक महीने तक रोज़ सुबह जल्दी उठना है और समय से सोना है। अगर आप रात को देर तक टीवी या मोबाइल चलाते हैं, तो सोने से आधा घंटा पहले इन्हें बंद करना होगा।
अब आप सुबह जल्दी उठ जाते हैं। कोशिश करें कि कम से कम 10–15 मिनट ध्यान करें। यह काम आपको 1 महीने तक करना है, और साथ में 30 मिनट तक व्यायाम ज़रूर करें।
अभी हमने पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन शुरू नहीं किया है, हम सिर्फ अपने शरीर और आदतों को उसके लिए तैयार कर रहे हैं।
हमने 2 महीने तक सुबह जल्दी उठने, ध्यान और व्यायाम का अभ्यास कर लिया है। अब हमें अपने खाने पर नियंत्रण करना है। आपको रोज़ भूख का 90 प्रतिशत भोजन करना है। तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन नहीं करना है। आपको फल, सब्ज़ियाँ, दूध और सादा भोजन करना है। तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन भी कामवासना को बढ़ावा देता है। ये कम भी एक महीने तक करें |
अब हम सुबह जल्दी उठ जाते हैं, ध्यान और व्यायाम भी करते हैं, और अपने भोजन पर भी नियंत्रण है। साथ ही कोई बुरी लत भी नहीं है। एक बात और याद रखें, अगर आप चाय अधिक पीते हैं, तो दिन में सिर्फ एक या आधा कप चाय पिएँ। इससे ज़्यादा नहीं।
आज के समय में मोबाइल की लत आम है, पर यह ब्रह्मचर्य पालन के लिए ठीक नहीं है। अगर आप भी मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल करते हैं, तो इसे कम और सावधानी से उपयोग करें।
अगर आप कोई काम करते हैं, तो यह बहुत अच्छी बात है। यह सलाह उनके लिए है जो कोई काम नहीं करते और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहते हैं। ऐसे लोगों को पहले कोई काम खोजना चाहिए या फिर उनके पास कोई लक्ष्य होना चाहिए। वह कुछ भी हो सकता है—जैसे सरकारी नौकरी या कोई बड़ा उद्देश्य।
हमने जो बातें ऊपर बताई हैं, उन्हें एक बार फिर पढ़ें। क्योंकि अक्सर लोग इन पर नियंत्रण नहीं करते और सीधे ब्रह्मचर्य का पालन करने की सोचते हैं। अगर आप ये प्रयास नहीं करेंगे, तो आपको ब्रह्मचर्य पालन में हर बार असफलता मिलेगी।
अब हमें कोई बुरी लत नहीं है, बल्कि सुबह जल्दी उठकर ध्यान और व्यायाम करने की अच्छी आदत लग गई है। हमारा भोजन भी अच्छा है, और हमारे पास काम और लक्ष्य भी हैं।
अब हम ब्रह्मचर्य का पालन पूरी तरह से शुरू कर सकते हैं।
अब हमें पूरी तरह वर्तमान में जीना होगा। न भविष्य की कोई फिक्र होगी, न अतीत का कोई विचार—सिर्फ वर्तमान में रहना है। जो कर रहे हों, उस पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करें। अपने या किसी दूसरे के बारे में नकारात्मक नहीं सोचना है। अब हमें कामवासना पर पूरी तरह नियंत्रण करना है। आपको कोई भी गंदा विचार नहीं सोचना है, कोई कामुक क्रिया नहीं करनी है, कुछ भी कामुक न देखना है और न सुनना है।" इस काम को कम से कम तीन महीने तक करना है |
अब हम पूरी तरह वर्तमान में जी रहे हैं और कामवासना पर भी अच्छा नियंत्रण है। अब हमें अपने गुस्से पर नियंत्रण करना है, क्योंकि पहले के ऋषि-मुनि मानते थे कि ज़रा-सा भी गुस्सा आ जाए तो ब्रह्मचर्य पालन टूट जाता है। हम इसे पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन कोशिश तो कर ही सकते हैं।
हमारे पास कोई बुरी लत नहीं है। हम रोज़ सुबह जल्दी उठकर ध्यान और व्यायाम करते हैं। अच्छा और शुद्ध भोजन करते हैं। अपने विचारों पर नियंत्रण है, दिन का अधिकांश समय वर्तमान में जीते हैं, और कुछ हद तक कामवासना और क्रोध पर भी नियंत्रण है। हमारे पास जो कार्य है, उसमें हम पहले से और बेहतर हो गए हैं। अब हमारा ध्यान अपने काम और लक्ष्य पर है। इसी को ब्रह्मचर्य पालन कहते हैं।
ब्रह्मचर्य पालन आपको कई बार हराएगा, और कई बार आप हार मान लेने की सोचेंगे भी। यह काम 30–40 दिनों का नहीं है; कम से कम 1–2 साल तक अभ्यास करना होगा।